अप्रैल 23, 2026 7:04 अपराह्न | women in Pakistan

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संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं और लड़कियों के लगातार अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञों ने बताया कि 2025 में, पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन से प्रभावित महिलाओं और लड़कियों में से लगभग 75 प्रतिशत हिंदू थीं, जबकि 25 प्रतिशत ईसाई थीं। अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍थान ने चेतावनी दी है कि सज़ा का प्रावधान न होने के कारण पाकिस्तान में इस तरह की प्रथा को बढ़ावा मिल रहा है। लगभग 80 प्रतिशत घटनाएं पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हुईं, जिनमें 14 से 18 वर्ष आयु की लड़कियों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, गरीबी और हाशिए पर रहने वाली महिलाओं और लड़कियों को अधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है और वे अक्सर शारीरिक तथा यौन शोषण, उत्पीड़न, सामाजिक कलंक और गंभीर आघात का शिकार होती हैं। विशेषज्ञों ने संयुक्त राष्ट्र की कई संधि निकायों की सिफारिशों का समर्थन करते हुए सभी आरोपों की निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से शीघ्र जांच कराने का आग्रह किया। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि अपराधियों कि जवाबदेही तय की जाए।