अगस्त 6, 2026 8:19 अपराह्न | 2026 | Parliament passes the Appropriation (No. 3) Bill

printer

संसद ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 किया पारित

संसद ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 आज पारित कर दिया। राज्यसभा ने चर्चा के बाद विधेयक को लोकसभा को लौटा दिया। लोकसभा पहले ही विधेयक पारित कर चुकी थी। विधेयक में 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान कुछ सेवाओं पर स्वीकृत राशि से अधिक खर्च की गई राशि को पूरा करने के लिए भारत की संचित निधि से धन के विनियोजन का प्रावधान है। सरकार ने कुछ अतिरिक्त व्यय को पूरा करने के लिए 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मांगी है। यह राशि ऋण चुकाने पर खर्च की जाएगी।

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023 के दौरान हुए अतिरिक्त व्यय के लिए अनुमोदन मांगा है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त अनुदान की मांग लोक लेखा समिति की 39वीं रिपोर्ट में पहचाने गए दो विशिष्ट मदों से संबंधित है।

जम्मू-कश्मीर के संबंध में सदस्‍यों की चिंताओं का उल्‍लेख करते हुए श्रीमती सीतारामन ने सदन को आश्वासन दिया कि 2019 में अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश, जम्मू-कश्मीर को पर्याप्त वित्तीय और प्रशासनिक सहायता प्रदान की है। उन्होंने बताया कि जम्मू और कश्मीर पुलिस के वेतन और पेंशन का पूरा भुगतान केंद्र सरकार कर रही है। वित्तमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 के समाप्‍त होने से इस बात की पुष्टि हुई है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के ऋण का पुनर्गठन भी किया है और लद्दाख से संबंधित देनदारियों का निपटान किया है। वित्त मंत्री ने जम्मू और कश्मीर की आर्थिक स्थिरता और विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। श्रीमती सीतारामन ने भरोसा दिलाया कि सरकार जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों का समर्थन और संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है।

चर्चा में भाग लेते हुए ऑल इंडिया अन्‍ना डीएमके के डॉ. एम. थंबीदुर्रई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अवसंरचना विकास, डिजिटल शासन, विनिर्माण, कनेक्टिविटी और कल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल की हैं।

विधेयक का समर्थन करते हुए टीडीपी के भाष्यम रामा कृष्णा ने कहा कि अभूतपूर्व वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि निरंतर सुधारों, विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन और सुसंगत नीति कार्यान्वयन से भारत के व्यापक आर्थिक आधार मजबूत बने हुए हैं।

बीआरएस के रवि चंद्र वद्दीराजू ने कहा कि सरकार ने देश के विकास, प्रगति और जन कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। चर्चा में भाजपा के डॉ. सिकंदर कुमार, आरजेडी के मनोज कुमार झा, बीजेडी की सुलता देव और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह सहित अन्य सदस्‍यों ने भाग लिया।

विधेयक पारित होने के बाद सदन में विशेष उल्लेखों पर चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने जनहित के मुद्दे उठाए।

भाजपा सांसद विनोद तावड़े ने गंभीर रूप से झुलसे व्यक्तियों के उपचार के लिए त्वचा दान और त्वचा बैंकिंग प्रणालियों को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि त्वचा दान का प्रावधान मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 के तहत किया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के माध्यम से अंग और ऊतक दान को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।

जेडीयू के संजय कुमार झा ने सरकार से 1996 की भारत-बांग्लादेश फरक्का संधि का नवीनीकरण न करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह संधि बिहार के हितों के खिलाफ है। उन्होंने बिहार में भूजल स्तर में हो रही कमी की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

इसके बाद पीठासीन अध्‍यक्ष घनश्याम तिवारी ने सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी।