अक्टूबर 23, 2026 7:03 पूर्वाह्न

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के साथ कार्बन उत्सर्जन घटाने के उपायों पर जानकारी साझा की

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ साथ की गई बैठक में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों से जुड़ी जानकारी साझा की है।

उन्होंने, कार्बन सीमा समायोजन तंत्र -सी.बी.ए.एम. की आलोचना की है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे औद्योगिक लागत बढ़ सकती है, महंगाई को बढ़ावा मिल सकता है और यूरोपीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कमजोर हो सकती है।

श्री गोयल ने कल बर्लिन ग्लोबल डायलॉग को संबोधित करते हुए कहा कि इस्पात और अन्य औद्योगिक सामग्रियों पर अतिरिक्त लागत तथा बढ़ते नियामक प्रतिबंधों का यूरोपीय कारोबार और उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने आगाह किया कि इस्पात, एल्युमीनियम और सीमेंट की कीमतें बढ़ने से बंदरगाहों, हवाई अड्डों, राजमार्गों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की लागत बढ़ सकती है।

श्री गोयल ने कहा कि इससे कारोबार को और नुकसान पहुंच सकता है तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। साथ ही, श्री गोयल ने कहा कि भारत अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने और दुनिया के विभिन्न देशों के साथ निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित व्यापारिक साझेदारियां विकसित करने के लिए काम कर रहा है।

भारत के जलवायु संबंधी प्रयासों का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा कि दुनिया की लगभग 17 प्रतिशत आबादी भारत में रहती है, लेकिन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में देश की हिस्सेदारी केवल तीन से साढ़े तीन प्रतिशत है।