जून 17, 2026 10:37 पूर्वाह्न

printer

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। श्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत-कनाडा संबंधों में आई सकारात्मक तेज़ी का स्वागत किया है और रणनीतिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्धता दुहराई है। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा भी की जिसमें एनएनजी, एलपीजी  और मेटालर्जिकल कोल से जुड़े व्यावसायिक समझौते शामिल हैं।

उन्होंने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए चल रही बातचीत पर संतोष व्यक्त किया। इस समझौते को इसी वर्ष अंतिम रूप दिया जाना है। दोनों नेताओं ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा, वित्त और प्रवासन के क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का भी स्वागत किया।

रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए, दोनों देश जनरल सिक्योरिटी ऑफ़ इंफॉर्मेशन एग्रीमेंट पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, कनाडा को इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन का संवाद भागीदार बनाए जाने के पक्ष में है। दोनों नेताओं ने संवाद और सहयोग को बढ़ाने के लिए ‘रायसीना अमरीका’ शुरु करने की घोषणा भी की।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ बैठक में, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विज़न 2035’ के तहत आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की।  दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और जनसंपर्क में सहयोग का स्वागत किया और व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के जल्द लागू होने की आशा व्यक्त की। दोनों ने मज़बूत शिक्षा साझेदारी पर भी संतोष व्यक्त किया।

श्री मोदी ने भारत में ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित करने की दिशा में हुई प्रगति का ज़िक्र किया। इनमें बेंगलुरु में लिवरपूल यूनिवर्सिटी और मुंबई में यॉर्क और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी परिसर की स्थापना शामिल हैं। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दुहराई।

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से भी मुलाकात की। श्री मोदी ने पश्चिम एशिया  में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर ज़ोर दिया। दोनों पक्षों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से अबाध आवाजाही, व्यापार और वाणिज्य जारी रखने की ज़रूरत बताई।

उन्होंने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। इस वर्ष जनवरी में राष्ट्रपति अल नाहयान ने भारत की यात्रा की थी। पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की थी। दोनों ने प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। श्री मोदी ने राष्ट्रपति अल नाहयान को इस वर्ष भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो से भी मुलाकात की। श्री मोदी ने कहा कि भारत और केन्या की साझेदारी ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत, मिस्र के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है।

श्री मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के साथ बैठक में,  दोनों देशों के संबंधों में व्यापार और निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। श्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से भी मुलाक़ात की। उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार, वाणिज्य और अनेक भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।