जुलाई 18, 2026 6:12 पूर्वाह्न

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प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के जालंधर से 20 राज्यों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल पंजाब के जालंधर से 20 राज्यों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इन स्टेशनों का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह योजना दुनिया के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में से एक है।

‘विरासत भी, विकास भी’ की भावना के अनुरूप विकसित इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला की झलक दिखाई देती है। पुनर्विकसित स्टेशनों में पंजाब के जालंधर छावनी, एस.ए.एस. नगर-मोहाली, श्री मुक्तसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब, गुजरात के प्रतापनगर, गोधरा, पोरबंदर और भक्तिनगर, ओडिशा के बरपाली, बालांगीर, परलाखेमुंडी, तालचर, केसिंगा, बिमलगढ़ और बारीपाड़ा सहित दक्षिण रेलवे के 9 स्टेशन शामिल हैं।   

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने करतोली-अंबाला रेल सेवा और अमृतसर छेहरटा और वाराणसी के बीच संत रविदास एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई।

प्रधानमंत्री ने जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 30.9 किलोमीटर लंबे पैकेज-6 का उद्घाटन भी शामिल है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण भारतीय रेल में तेजी से हो रहे परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सेवा, उनके जीवन स्तर में सुधार और प्रगति के नए अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘नागरिक देवो भवः’ के मंत्र के साथ कार्य कर रही है।

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन संचालित यात्री रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाई। यह रेलगाड़ी जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी लगभग दो घंटे में तय करेगी। प्रधानमंत्री ने जींद में लगभग 14 हजार 700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया।

बाद में, प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़ी लगभग 4,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।