वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य प्रत्येक गांव और हर एक पात्र नागरिक तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना है। वित्त मंत्री ने आज आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के नरसारावपेटा में आयोजित ऋण वितरण कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय सरकारी योजनाओं के तहत 1,03,246 लाभार्थियों को 3,216 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए। इसमें कृषि क्षेत्र के लिए 2,363 करोड़ रुपये, लघु और मध्यम उद्यमों-एमएसएमई के लिए 325 करोड़ रुपये और आवास, शिक्षा, वाहन तथा सौर ऊर्जा ऋणों के लिए 624 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इस अवसर पर श्रीमती सीतारामन ने कहा कि प्रधानमंत्री वर्ष 2014 से ही हर गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं ताकि किसानों, कृषि और हथकरघा श्रमिकों और अन्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को संस्थागत बैंकिंग सुविधाएं मिल सके। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पिछली यूपीए सरकार से विरासत में मिली गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों-एनपीए की समस्या का समाधान करके बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत किया है और बैंकिंग सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाया है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र ने छोटे किसानों, मछुआरों, स्ट्रीट वेंडरों और अन्य स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार समर्थित ऋण गारंटी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य गरीब लोगों को अत्यधिक ब्याज दरों पर कर्ज देने वाले साहूकारों के शोषण से बचाना है। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि बैंक अब गांवों में जाकर पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें ऋण प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि ऋण वितरण कार्यक्रम से स्वयं सहायता समूहों, किसानों, उद्यमियों, उद्योगपतियों और स्ट्रीट वेंडरों को समय पर संस्थागत ऋण प्रदान करके लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।