जून 17, 2026 7:55 अपराह्न

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पीएम मोदी ने फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के अहम कार्य सत्र में हिस्सा लिया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने फ्रांस के एवियां में जी-7 शिखर सम्‍मेलन में एक महत्‍वपूर्ण कार्य सत्र में कहा कि अंतर्राष्‍ट्रीय वित्तीय संस्‍थाओं को ऐसे तंत्र विकसित करने चाहिए जो विकासशील देशों को आर्थिक मजबूती प्रदान करे। सत्र का विषय था- सभी के लिए संतुलित, समावेशी और सतत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना। उन्‍होंने अफ्रीका, लातिन अमरीका और प्रशांत द्वीप देशों को जोड़ने वाली संपर्क परियोजनाओं का भी प्रस्‍ताव रखा। श्री मोदी ने संपर्क और व्‍यापार में तेजी लाने के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय आवागमन भागीदारी तैयार करने का भी सुझाव दिया। इसके अंतर्गत जी-7 देशों की पूंजी, भारतीय प्रतिभाओं और ग्‍लोबल साउथ के देशों को एकसाथ लाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि ठोस वृद्धि से समावेशन और लोगों के कल्‍याण को मजूबती मिलती है‍। उन्‍होंने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्‍वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ भारत की विकास गाथा के बारे में भी बताया। 
 
इसमें जी-7 सदस्‍य देश, सहभागी देश, अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष तथा आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के प्रतिनधियों ने भाग लिया। 
श्री मोदी ने सुरक्षित, त्‍वरित और प्रभावी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुनिश्चित करने पर केंद्रित कार्य सत्र में भी भाग लिया। इसमें जी-7 सदस्‍य देशों, सहभागी देशों और प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों ने डिजिटल नवाचार के भविष्‍य के बारे में चर्चा की। 
 
प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्‍ज के साथ बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के बारे में चर्चा की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की। उन्‍होंने इस वर्ष के शुरू में भारत- यूरोपीय संघ के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौते के पूरा होने और श्री मर्त्‍ज की भारत की सफल यात्रा के साथ भारत-जर्मनी महत्‍वपूर्ण भागीदारी में आई नई गति पर संतोष व्‍यक्‍त किया। भारत और जर्मनी के बीच इस वर्ष राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दोनों नेताओं ने व्‍यापार, निवेश, रक्षा, पर्यावरण अनुकूल और सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा शिक्षा सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्‍होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग प्रारूप पर हस्‍ताक्षर होने और जर्मनी के जरिये यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा छूट व्‍यवस्‍था लागू होने का स्‍वागत किया। श्री मर्त्‍ज ने श्री मोदी को इस वर्ष जर्मनी में आयोजित होने वाले 8वें भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श के लिए आमंत्रित किया। 
 
प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्‍यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन त‍था यूरोपीय परिषद के अध्‍यक्ष अन्‍तोनियो कोस्‍ता के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की।
 
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी और अमरीका के राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप के साथ आज शाम होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर सभी की नजरें हैं। यह बैठक अब से कुछ ही देर में होने जा रही है। इसमें विभिन्‍न क्षेत्रों में परस्‍पर सहयोग को मजबूत करने तथा आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श हो सकता है। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच फरवरी 2025 में वॉशिंगटन डीसी में मुलाकात हुई थी। 
 
भारत के एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने के साथ यह बैठक रणनीतिक रूप से काफी महत्‍वपूर्ण मानी जा रही है। जटिल वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय भारत की ओर देख रहा है। वैश्‍विक मुद्दों पर चर्चाओं को आकार देने में भारत की बढती भूमिका उसके राजनयिक संपर्क तथा प्रमुख मंचों पर वैश्विक नेताओं के साथ उसकी सक्रिय बातचीत को दर्शाती है। 
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