अगस्त 14, 2026 9:03 अपराह्न | VP Radhakrishnan

printer

स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखना प्रत्येक नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन ने कहा है कि आज हमें जिस स्वतंत्रता का सुख प्राप्त है वह पिछली पीढ़ियों के महान बलिदान से मिला है। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आज नई दिल्ली में एक आयोजन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र की अखंडता और स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखना प्रत्येक नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य है। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि विभाजन केवल नए सिरे से राजनीतिक सीमाओं का निर्धारण नहीं था बल्कि यह हजारों वर्षों से आपसी सभ्यतागत जुड़ाव का भी विभाजन था।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी जाति, धर्म या क्षेत्र का महत्व राष्ट्र से अधिक नहीं है। विभाजन से मिले सबक और संकट की घड़ी में कुशल नेतृत्व के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व की मजबूत इच्छा और संकल्प व्यापक राष्ट्र हित में कठोर निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों को विभाजन का सच मालूम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी और विभीषिका को केवल पाठ्य पुस्तक की कुछ पंक्तियों में समेटा नहीं जा सकता।

    उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर विभाजन की त्रासदी और दर्द को अपनी यादों में समेटे रखने वाले 15 लोगों को उनके धैर्य और सहनशीलता के लिए सम्मानित किया।