बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख डॉ. अल्लाह नज़र बलूच ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा है कि क्षेत्र में बढ़ता जन विरोध मौलिक अधिकारों, आत्मनिर्णय और राजनीतिक स्वतंत्रता की मांगों को दर्शाता है। डॉ. बलूच ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान असहमति को दबाने के लिए दमनकारी उपायों पर अधिक निर्भर रहा है, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों की मांगों को रोकने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण निर्णय स्थानीय प्रतिनिधियों की जगह इस्लामाबाद से लिए जाते हैं। डॉ. अल्लाह नज़र बलूच ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ बल का प्रयोग पाकिस्तान में राजनीतिक अधिकारों की बढ़ती मांगों को उजागर करता है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं और अब तक 200 घायल हुए हैं।