झारखंड में नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरूद्ध रांची में विरोध प्रदर्शन का आज 14वां दिन है। राजधानी रांची में छह प्रदर्शकारियों की भूख हड़ताल जारी है। छात्र नेताओं का दावा है कि उन्हें कल शाम तक राज्य सरकार की ओर से बातचीत का कोई निमंत्रण नहीं मिला है। विरोध प्रदर्शन का असर कल झारखंड विधानसभा में भी देखा गया, जहां विपक्षी विधायकों ने मॉनसून सत्र के पहले दिन ही नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। इसके बाद आंदोलनकारी छात्रों ने राज्य सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल बनाया है।
छात्र आंदोलन 25 जुलाई को रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ था और हाल के वर्षों में सबसे बड़े छात्र आंदोलन के रूप में उभरा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि झारखंड प्रांतीय सिविल सेवा की 14वीं परीक्षा रद्द की जाए और भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति से राज्य के बाहर कराई जाए। छात्रों की झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में व्यापक सुधार कराए जाने की भी मांग है।
विपक्ष विधायकों ने कल मॉनसून सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। एनडीए के विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दूबे ने कहा है कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के बारे में झारखंड सरकार 13 अगस्त तक कोई निर्णय नहीं लेती तो वे छात्रों के साथ भूख हडताल में भाग लेंगे।