झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर प्रतिबंधित नक्सली संगठन के कट्टर माओवादी अजय महतो की पत्नी अनीता किस्कू उर्फ बबिता महतो ने आज गिरिडीह पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि वर्ष 2009 से संगठन से जुड़ी बबिता के विरुद्ध विभिन्न जिलों में यूएपीए, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम सहित 18 मामले दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि संगठन के भीतर शोषण, पुलिस की लगातार कार्रवाई और पति अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पण करने पर उसे झारखंड सरकार की ‘नई दिशा-एक नई पहल’ पुनर्वास नीति के तहत तीन लाख रुपये की सहायता और अन्य पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। आत्मसमर्पण के बाद अनिता किस्कू ने अन्य नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की।