अमरीका ने ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ा दिया है। अमरीकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि कल से अमरीकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की सभी एयरलाइंस का अंतरराष्ट्रीय संचालन प्रभावित हो सकता है। ईरानी विमानन कंपनियों को ईंधन, हवाई अड्डे की सुविधाएं या टिकट सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियां भी प्रतिबंधों के दायरे में आ सकती हैं। यह कार्रवाई ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और व्यापारिक नेटवर्क तक पहुंच सीमित करने के अमरीकी प्रयासों का हिस्सा है।
इस बीच, न्यूयॉर्क में चल रहे 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान ईरान को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के न्यूयॉर्क पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, ईरान और अरब देशों के बीच सीधे संवाद की मांग भी बढ़ रही है। कतर ने ईरान और खाड़ी देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बात कही है। उधर, यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों की गतिविधियों और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कल दो टैंकरों से जुड़ी घटनाओं में दो नाविकों के मामूली रूप से घायल होने की खबर है।