भारत ने फ्रांस के हवाई अड्डों से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त ट्रांजिट की घोषणा का स्वागत किया है। आज नई दिल्ली में संवाददाताओँ से बातचीत में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता को समाप्त करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच इस वर्ष फरवरी में मुंबई में हुई बैठक में सहमति बनी थी। प्रवक्ता ने बताया कि फ्रांस ने इस समझौते को अब लागू किया है। श्री जायसवाल ने कहा कि इस महीने की 10 तारीख से फ्रांस के हवाई मार्ग से गुजरने वाले भारतीय नागरिकों को अब ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत और फ्रांस के बीच स्थायी साझेदारी को दर्शाता है और इससे लोगों की सुगम आवाजाही तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
भारत ने रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर तीन सिद्धांतों की जापान की समीक्षा का भी स्वागत किया है। श्री जायसवाल ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा के तहत दोनों पक्षों ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और निरंतर आर्थिक गतिशीलता के हित में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। प्रवक्ता ने कहा कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूती लाने हेतु सरकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र के हितधारकों के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना और सुगम बनाना शामिल है।
भारत-अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए भारत की एक टीम वाशिंगटन डीसी गई थी। उन्होंने कहा कि रचनात्मक बातचीत जारी है। श्री जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्ष एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी तथा दूरदर्शी व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं जिसमें एक-दूसरे की चिंताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जाएगा तथा 2030 तक 500 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा।
वहीं, श्री जायसवाल ने बताया कि दस भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल चुके हैं और चौदह भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में हैं।
नेपाल के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में, श्री जायसवाल ने कहा कि उन्हें नेपाली अधिकारियों द्वारा पहले से विद्यमान प्रावधान को लागू करने की खबरों की जानकारी है, जिसके तहत सीमा पार यात्रा करने वाले यात्रियों से सौ नेपाली रुपये से अधिक मूल्य की भारत से खरीदी गई वस्तुओं को ले जाने पर सीमा शुल्क वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया है। उन्होंने कहा कि नेपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक बयान में कहा है कि निजी उपयोग के लिए घरेलू सामान ले जाने वाले नागरिकों को रोका नहीं जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि भारत घटनाक्रम पर नेपाल के साथ बातचीत कर रहा है।
इस बीच, कतर की जेल में बंद पूर्व नौसेना अधिकारी के बारे में उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने कमोडोर पी. तिवारी की हर संभव मदद की है और यह मदद आगे भी जारी रहेगी। कमोडोर तिवारी को कतर की अदालत ने ओमान के मालिक और कतर के एक अन्य अधिकारी के साथ सजा सुनाई है। यह फैसला इस साल फरवरी में आया था। श्री जायसवाल ने कहा कि भारतीय दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है और दूतावास के अधिकारियों ने हिरासत में उनसे कई बार मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि जिस मामले में श्री तिवारी को सजा सुनाई गई है, वह उस मामले से अलग है जिसमें भारत के हस्तक्षेप के बाद उन्हें और अन्य लोगों को रिहा किया गया था।
इसके अलावा, चटगांव हिल ट्रैक्ट्स में भारतीय आयुध कारखानों से निर्मित गोला-बारूद की कथित मौजूदगी के बारे में बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों पर श्री जायसवाल ने कहा कि सभी भारतीय आयुध कारखाने कड़े नियमों के तहत काम करते हैं और जवाबदेही के कठोर मानदंडों का अनुपालन करते हैं।