केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता-सीईपीए, आज से लागू हो गया है। इस समझौते पर छह महीने पहले हस्ताक्षर किए गए थे। श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि सीईपीए केवल एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि यह सभ्यतागत विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह व्यापक समझौता ओमान के साथ भारत के संबंधों को नई गति प्रदान करेगा।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने बताया कि पहले दिन से ही भारत को ओमान की 98% टैरिफ लाइनों पर शुल्क मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जो ओमान को होने वाले भारत के 99% से अधिक निर्यात को कवर करती है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के लागू होने से भारत के कामगारों, लघु तथा मध्यम उद्यमों और कपड़ा, खेल वस्त्र, कृषि उत्पाद, फार्मा तथा चिकित्सा उपकरण, चमड़ा, ऑटोमोबाइल और समुद्री उत्पाद जैसे विभिन्न क्षेत्रों के निर्यातकों को ओमान के बाजार में प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले प्राथमिकत मिलेगी। श्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह संतुलित मुक्त व्यापार समझौता, आजीविका की रक्षा करते हुए भारत के ओमान को निर्यात के द्वार खोलता है।
श्री पीयूष गोयल ने बताया कि समझौते के लागू होने के उपलक्ष्य में आज मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से कई खेपें भेजी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता अपनी उन्नत रसद और बंदरगाह अवसंरचना के माध्यम से खाड़ी सहयोग परिषद और पूर्वी अफ्रीकी बाजारों तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण द्वार बनेगा। सीईपीए के तहत हासिल की गई कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए श्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमरीकी एफडीए, यूरोपीय औषधि एजेंसी या यूके एमएचआरए द्वारा अनुमोदित भारतीय जेनेरिक दवाओं को अब ओमान में 90 दिनों के भीतर बाजार प्राधिकार प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने समझौते के तहत गैर–सेवा क्षेत्रों में भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एक बाध्यकारी प्रतिबद्धता भी हासिल की है।