पाकिस्तान में प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने एक महिला सहित चार नागरिकों को जबरन गायब कर दिया है। बलूच राष्ट्रीय आंदोलन के मानवाधिकार विभाग-पांक ने नर्सिंग की छात्रा खदीजा बलूच को जबरन गायब किए जाने की कड़ी निंदा की है।
बलूच वॉयस फॉर जस्टिस ने कहा है कि यह घटना उस प्रवृत्ति को दर्शाती है जिसमें बलूच महिलाओं को जबरन गायब किए जाने, डराने-धमकाने और गैरकानूनी हिरासत में लिए जाने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के मौलिक अधिकारों और उनकी सुरक्षा का हनन हो रहा है। पांक ने यह भी खुलासा किया कि बलूची लेखक दाद शाह को कल दूसरी बार जबरन गायब कर दिया गया। समूचे बलूचिस्तान में नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों को उजागर करते हुए पांक ने यह भी बताया कि केच जिले के तुरबत क्षेत्र के निवासी दुकानदार नोमान बलूच को 18 अप्रैल को उनके भाई इकराम के साथ उनके आवास से जबरन गायब कर दिया गया था। मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों से बलूचिस्तान की गंभीर स्थिति पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया है।