अक्टूबर 8, 2026 2:03 अपराह्न

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जीएसटी परिषद ने विवादों के समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रवाह में सुधार के लिए नीतिगत सुधारों पर विचार-विमर्श किया

वस्‍तु और सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 57वीं बैठक आज नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में हो रही है। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन बैठक की अध्‍यक्षता कर रही हैं। इसमें महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेन्‍द्र फडणवीस, कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री डी. के. शिवकुमार, जम्‍मू कश्‍मीर के मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला, हरियाणा के मुख्‍यमंत्री नायाब सिंह सैनी और राज्‍यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के वित्‍त मंत्री भाग ले रहे हैं।

बैठक में जीएसटी विवादों को सुलझाने और इन्‍पुट टैक्‍स क्रेडिट के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए नीतिगत सुधारों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्‍य अनुपालन में लगने वाले समय और लागत को कम करना है। वित्‍त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सरकार जीएसटी व्‍यवस्‍था में सुधार के अगले चरण के लिए पांच सूत्री योजना का प्रस्‍ताव रखेगी। इन सुधारों का उद्देश्‍य जीएसटी व्‍यवस्‍था में मौजूदा प्रशासनिक अड़चनों को आसान बनाना तथा विशेषकर छोटे कारोबारियों पर अनुपालन बोझ कम करना है।

इन प्रस्‍तावों में प्रक्रिया सुधार, संरचनात्‍मक सुधार, जीवन और कारोबार को सुगम बनाना, सेवाओं के निर्यात और ई-कॉमर्स से जुड़े सुधार शामिल हैं। प्रस्‍तावित प्रमुख बदलावों में खरीदार और विक्रेता के बीच बिल की रसीद का स्‍वत: मिलान, इन्‍पुट टैक्‍स क्रेडिट के दावे से जुड़ी कागजी कार्रवाई कम करना, छोटे करदाताओं के रिटर्न दाखिल करने की संख्‍या में कमी लाना और छोटे कारोबारियों के लिए कई राज्‍यों में पंजीकरण को समाप्‍त करना शामिल है।

परिषद की 56वीं बैठक पिछले वर्ष सितम्‍बर में हुई थी। बैठक में आम लोगों, श्रम आधारित उद्योगों, किसानों और कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य तथा अर्थव्‍यवस्‍था के प्रमुख क्षेत्रों को ध्‍यान में रखते हुए जीएसटी को तर्कसंगत बनाने को मंजूरी दी गई थी।