बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा और राज्य की कई अन्य प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ के कारण अब तक 29 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 13 जिलों के 77 प्रखंडों की 438 पंचायतों के लोग बाढ से प्रभावित हैं।
पटना और उसके आसपास गंगा नदी चार स्थानों पर उच्च जलस्तर को पार कर चुकी है। हालांकि, पटना में स्थिति में कुछ राहत मिली है क्योंकि कल शाम से नदी के जलस्तर में लगभग बीस सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन निचले इलाकों में स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। मोकामा से कहलगांव तक गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटबंधों पर भारी दबाव पड़ रहा है।
राज्य के जल संसाधन विभाग ने बताया है कि हथियाद से कहलगांव तक बढ़ते जलस्तर का प्रभाव अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों को नदी, तटबंधों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज सारण जिले के सोनपुर स्थित स्काउट्स एंड गाइड्स सेंटर और वैशाली में गंगा ब्रिज पुलिस स्टेशन के पास सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आवश्यक सहायता बिना किसी देरी के पीड़ितों तक पहुंचे।
प्रशासन द्वारा राज्य भर में बाढ़ की स्थिति पर लगातार और करीबी नजर रखी जा रही है।