विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और अमरीका के बीच व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है और फिलहाल व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में संबोधन करते हुए डॉ. जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के व्यापार मंत्री इस समझौते पर काम कर रहे हैं और व्यापार समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है।
एक सवाल के जवाब में डॉ. जयशंकर ने जोर देकर कहा कि अमरीका ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और हर देश को अमरीका के साथ अपने संबंधों का नए सिरे से आकलन कर उनमें आवश्यक बदलाव करने होंगे।
चीन के संबंध में विदेश मंत्री ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता भंग होने पर द्विपक्षीय संबंधों पर इसके परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने के साथ दोनों देशों के संबंध भी सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बहाल करने में सफल रहे हैं।
डॉ. जयशंकर ने टिप्पणी की कि भारत और चीन के बीच व्यापार संतुलन पूरी तरह असमान है और यह एकतरफा है। उन्होंने कहा कि चीन में भारत को समान अवसर नहीं मिल रहे हैं।
रूस से संबंधित एक अन्य सवाल के जवाब में डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत ने कभी ऐसा कोई संकेत नहीं पाया है कि रूस से खरीदे जा रहे किसी भी सामान में चीनी तकनीक शामिल है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के कारण रूस का झुकाव एशिया की ओर काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि रूस के पास कई विकल्प होना भारत और पूरी दुनिया के हित में है। इस संदर्भ में भारत रूस के लिए एक स्वाभाविक विकल्प है।