जून 1, 2026 8:37 अपराह्न

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा- म्यामां भारत की ‘पड़ोसी पहले, एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों में एक महत्वपूर्ण भागीदार है

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है  कि म्यामां भारत की ‘पड़ोसी पहले’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। राष्ट्रपति भवन में म्यामां के राष्ट्रपति ऊ मिन आऊं लाइन् का स्वागत करते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत और म्यामां के बीच सदियों पुराने गहरे सांस्कृतिक, सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंध हैं। भारत के साथ म्यामां के महत्वपूर्ण संबंधों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि म्यामां दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का प्रवेश द्वार है, क्योंकि यह एकमात्र आसियान देश है जो भारत के साथ भूमि सीमा साझा करता है। म्यामां के राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने पर राष्ट्रपति लाइन् को बधाई देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस बात पर बल दिया कि भारत म्यामां सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप उसके प्रयासों में सहयोग करने के लिए तत्पर है। उन्होंने शांति और सुलह के लिए म्यामां के प्रयासों के प्रति भारत के अटूट समर्थन का भी आश्वासन दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि संपर्क भारत-म्यामां साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि म्यामां सरकार के सहयोग से चल रही संपर्क परियोजनाएं जल्द से जल्द पूरी हो जाएंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उल्लेख किया कि भारत-म्यामां व्यापार संबंध फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में विस्तारित हुए हैं। उन्‍होंने रेखांकित किया कि द्विपक्षीय व्यापार अब भी अपनी पूरी क्षमता से कम है और दोनों पक्ष इसे और बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और म्यामां के बीच मित्रता और मजबूत होगी।