जुलाई 30, 2026 10:34 अपराह्न

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संसद ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया

संसद ने लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इस विधेयक को मंजूरी दे दी। लोकसभा ने इसे कल ही पारित कर दिया था।

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह देश के हर नागरिक और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक रोकने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि देश में एम्स की संख्या सात से बढ़कर बाईस हो गई है और मेडिकल सीटों में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।

इससे पहले डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार लोक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत दोषी को दस साल तक की कैद, दस करोड़ रुपये तक का जुर्माना और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। साथ ही, मामलों की जांच दो महीने और मुकदमे का निपटारा तीन महीने के भीतर करना होगा।

चर्चा की शुरुआत करते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस विधेयक का समर्थन करती है, लेकिन इसमें पेपर लीक रोकने के लिए और अधिक प्रभावी प्रावधान होने चाहिए थे।

भाजपा के बृजलाल ने कहा कि संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सख्ती से रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि विधेयक में फास्ट ट्रैक अदालतों और विशेष कार्यबल का प्रावधान किया

डीएमके के तिरुचि शिवा और समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने नीट परीक्षा समाप्त करने की मांग की। वहीं जद(यू) के संजय कुमार झा, एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल और भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी ने विधेयक का समर्थन किया। कांग्रेस के मुकुल वासनिक और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह समेत कई अन्य सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया।

चर्चा के बाद राज्यसभा ने विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही कल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।