इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (आईईएमआई) 2025 के अनुसार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने में दिल्ली को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष स्थान मिला है। इस सूचकांक का शुभारंभ आज नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा किया गया, जिसमें उप-राष्ट्रीय स्तर पर ई-मोबिलिटी के लिए नीतिगत ढांचे और कार्यान्वयन परिणामों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। दिल्ली के बाद अन्य शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश महाराष्ट्र, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा हैं। यह सूचकांक का दूसरा संस्करण है। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लक्ष्यों को प्राप्त करने में हुई प्रगति का आकलन करता है।
सूचकांक के विमोचन के अवसर पर नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाना 2047 तक विकसित भारत की महत्वाकांक्षा के लिए एक आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक अनिवार्यता है। श्री गौबा ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर एक बदलाव हो रहा है। ऐसा अनुमान है कि 2040 तक सभी नई कार बिक्री में 40 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक कार का होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व में सबसे आक्रामक और लक्षित ई-मोबिलिटी ढांचों में से एक का निर्माण किया है। नीति आयोग के सदस्य ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का शीर्ष स्कोर 2024 के 77 से बढ़कर 2025 में 84 हो गया है।
श्री गौबा ने दिल्ली जैसे शहरों में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन से सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों का भी उल्लेख किया, जिससे स्वच्छ गतिशीलता की ओर प्रस्थान एक अत्यावश्यक प्राथमिकता बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि तेल विपणन कंपनियों और निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा चार्जिंग अवसंरचना के विकास को बढ़ावा देने के साथ ईवी चार्जिंग पारिस्थितिकी तंत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि हाल ही में लॉन्च किए गए यूनिफाइड भारत ई-चार्ज ऐप उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जिंग अवसंरचना को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाकर इस पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने की उम्मीद है। उन्होंने राज्यों से चुनिंदा शहरों में सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण को प्राथमिकता देने, चार्जिंग अवसंरचना को भौगोलिक रूप से सुव्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने और अनुसंधान तथा नवाचार में निवेश को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।
आईईएमआई तीन प्रमुख विषयों परिवहन विद्युतीकरण प्रगति, चार्जिंग अवसंरचना की तैयारी और इलेक्ट्रिक वाहन अनुसंधान तथा नवाचार स्थिति के अंतर्गत 16 संकेतकों पर सभी भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का 100 अंकों में मूल्यांकन करता है और उन्हें अंक प्रदान करता है। इसका उद्देश्य निर्णय लेने में सहायता करना, राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने को प्रोत्साहित करना है।
इस सूचकांक का शुभारंभ नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला ‘राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीतियां: समीक्षा और पुनर्समायोजन’ के दौरान किया गया। कार्यशाला में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बदलते परिदृश्य की समीक्षा की जा सके। इसका उद्देश्य भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर प्रस्थान को गति देने संबंधी राज्य इलेक्ट्रिक वाहन की नीतियों को मजबूत और पुनर्समायोजित करने के तरीकों पर विचार विमर्श करना था।