विदेश राज्य मंत्री डॉ. कीर्ति वर्धन सिंह ने आज कहा कि शंघाई सहयोग संगठन-एस.सी.ओ केवल एक क्षेत्रीय समूह नहीं, बल्कि यूरेशिया में भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक साझेदारों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। ताजिकिस्तान में आयोजित एससीओ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि एससीओ में सहयोग के लिए भारत का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षा, संपर्क और अवसर के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण में मध्य एशिया का विशेष महत्व है, क्योंकि यह क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने और देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्री सिंह ने कहा कि भारत, मध्य एशिया के देशों के साथ मिलकर हर तरह के आतंकवाद से लड़ाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आतंकियों को शरण देना, सीमा पार आतंकवाद के लिए आतंकी समूहों का इस्तेमाल करना, आतंकवाद के वित्तपोषण, हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथी विचारधारा फैलाना तथा दुष्प्रचार और हिंसा भड़काने के लिए साइबर स्पेस का दुरुपयोग करना मानवता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
मंत्री ने घोषणा की कि भारत 17 से 19 जुलाई तक कोलकाता में एससीओ सभ्यता संवाद मंच के पहले संस्करण की मेजबानी करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस संवाद मंच का शुभारंभ करेंगे तथा उसे संबोधित करेंगे। भारत ने एससीओ सदस्य देशों और साझेदार देशों के संस्कृति मंत्रियों तथा सांस्कृतिक दलों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। यह मंच आपसी समझ बढ़ाने, अंतर-सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करने और हमारी सभ्यताओं की समृद्ध विरासत, परंपराओं, कला तथा बौद्धिक योगदान का उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करेगा।