बांग्लादेश में विभिन्न धार्मिक समुदायों, सांस्कृतिक संगठनों और धर्मनिरपेक्ष नागरिकों के प्रतिनिधियों ने धार्मिक कट्टरता, भीड़ हिंसा और सांप्रदायिक भेदभाव के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की मांग की है।
ढाका के राष्ट्रीय प्रेस क्लब में ‘सद्भावपूर्ण बांग्लादेश’ विषय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आयोजकों ने दस सूत्री मांगें रखीं। इनमें न्याय, सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
मांगों में हमलों और भीड़ हिंसा की निष्पक्ष जांच, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों की सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारों तथा बाउल-फकीर और सूफी परंपराओं की रक्षा, ऐतिहासिक तीर्थस्थलों का संरक्षण और संपत्ति विवादों का समाधान शामिल है।
आयोजकों ने मांग की है उर्स, मेले, पूजा, संगीत कार्यक्रम और खेल जैसी धार्मिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन में भेदभावपूर्ण या अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए।