निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की है। आयोग ने चार मंडलों के 18 जिलों में मतदाता सूची को दुरुस्त करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं, ताकि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराया जा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मेरठ में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा और आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
श्री गर्ग ने कहा कि पहली बार चुनावी जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों के साथ-साथ अनुभवी अधिकारियों के लिए भी ऐसे समीक्षा सत्र महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि चुनाव से जुड़े नियमों और दिशा-निर्देशों में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा में उठाए गए सभी बिंदुओं की नए सिरे से समीक्षा कर बेहतर तैयारियां करने को कहा। उन्होंने मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने और ईवीएम के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त ने चुनाव के दौरान शराब की अवैध ढुलाई और वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन जमा करने के लिए उचित व्यवस्था करने और इसमें स्वयंसेवकों की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देने और संबंधित कर्मचारियों को डाक मतपत्र से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी देने को कहा गया।
मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने निर्देश दिया कि 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों तथा डिग्री कॉलेजों में विशेष अभियान चलाकर पहली बार मतदाता बनने के पात्र युवाओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएं।
उन्होंने फॉर्म-6 के उन आवेदनों की दोबारा जांच करने को भी कहा, जिन्हें पहले खारिज कर दिया गया था, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। फॉर्म-6 भरने वाले आवेदकों को अपना मोबाइल नंबर और पूरा पता सही-सही दर्ज करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कॉमन सर्विस सेंटर के संचालकों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक बार दर्ज होने से रोकने के उपायों का प्रशिक्षण देने को कहा गया।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंप्यूटर सहायकों द्वारा दर्ज किए गए सभी फॉर्म-6, 7 और 8 की दोबारा जांच करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से मतदान से पांच दिन पहले मतदाताओं को सूचना पर्चियां वितरित करने और इसका रिकॉर्ड बूथ लेवल अधिकारियों के रजिस्टर में दर्ज करने को कहा।