उत्तरी ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक वाणिज्यिक टैंकर में आग लगने से समुद्र में आपात स्थिति पैदा हो गई है। पिछले 72 घंटों में ओमान के जलक्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले जहाजों से जुड़ी यह तीसरी घटना है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि उसे ओमान के तट के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है। दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। समुद्री रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित जहाज गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला टैंकर एमटी जलवीर है। इस जहाज पर करीब 20 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं। ओमान के अधिकारी राहत और आपातकालीन समन्वय के प्रयासों में जुटे हुए हैं। परन्तु, टैंकर में आग लगने के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।
पलाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर सवार तीन भारतीय नाविकों की ओमान के तट के पास एक अमरीकी सैन्य कार्रवाई के दौरान मौत हो गई। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एमटी सेट्टेबेलो पर तैनात तीन भारतीय नाविकों की जान गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमरीकी युद्धक विमान ने जहाज के इंजन कक्ष को निशाना बनाकर हमला किया। इसके बाद यह हादसा हुआ। जहाज पर सवार 24 भारतीय नागरिकों में से 21 को ओमान की बचाव टीमों ने सुरक्षित निकाल लिया।अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के महासचिव ने नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय पोत परिवहन को खतरे में डालने वाले किसी भी पक्ष के ऐसे कृत्यों की निंदा की है। इससे पहले 8 जून को एमटी मारिवेक्स उसी समुद्री क्षेत्र में अमरीकी सटीक हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था।
श्री सोनोवाल ने कहा कि अधिकारियों को एमटी सेट्टेबेलो के 21 जीवित बचे भारतीयों की जल्द स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने और मृत नाविकों के शवों को शीघ्र भारत लाने के निर्देश दिए गए हैं।