पश्चिम बंगाल चिकित्सा परिषद ने बिहार के फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले पांच डॉक्टरों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स के सचिव राजीब पांडे की शिकायत के बाद की गई है। स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है, ताकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराने वाले अन्य डॉक्टरों की भी पहचान की जा सके।
श्री पांडे ने चिकित्सा परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ बिधाननगर पुलिस आयुक्त से भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ वर्षों में फर्जी डॉक्टरों के पंजीकरण की संख्या बढ़ी, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि परिषद के समर्थन से यह गड़बड़ी बढ़ी।