नवम्बर 5, 2026 7:46 पूर्वाह्न

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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन प्रस्तावित किया

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन प्रस्तावित किया है, जिसके अंतर्गत निर्दिष्ट महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों पर गैर-मानक गुणवत्ता – एनएसक्यू घोषित की गई दवाओं के निर्माण लाइसेंस को तत्काल निलंबित किया जा सकेगा।

प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य निम्न गुणवत्ता वाली दवाओं का पता चलने पर त्वरित नियामक हस्तक्षेप को सक्षम बनाना, उनके निरंतर निर्माण और वितरण को रोकना और रोगी सुरक्षा और जन स्वास्थ्य के हित में अनुपालन सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मजबूत करना है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा प्रावधानों के अंतर्गत, निर्माण लाइसेंस के निलंबन या रद्द करने से पहले निर्धारित नियामक प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

इसमें कारण बताओ नोटिस जारी करना शामिल है। मंत्रालय ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन निलंबन रद्द करने से पहले अनिवार्य सुधारात्मक उपायों का भी प्रावधान करता है। निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक निर्माता प्रभावी मूल कारण विश्लेषण नहीं कर लेता और संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरण की संतुष्टि के अनुरूप उचित सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई – सीएपीए लागू नहीं कर देता।

मंत्रालय ने कहा कि निलंबन रद्द करने की अनुमति केवल आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपायों के कार्यान्वयन और लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा उनके उचित सत्यापन के बाद ही दी जाएगी। इसमें कहा गया है कि इन संशोधनों से विपणन के बाद की नियामक निगरानी मजबूत होने, घटिया दवाओं के खिलाफ समय पर कार्रवाई में सुविधा होने और निर्माताओं तथा विपणनकर्ताओं के बीच अधिक जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

संशोधनों के मसौदे को सार्वजनिक परामर्श के लिए अधिसूचित कर दिया गया है और हितधारकों तथा आम जनता से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। यदि कोई आपत्ति या सुझाव हो, तो उसे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अवर सचिव (औषध) को संबोधित किया जा सकता है या drugsdiv-mohfw@gov.in पर ईमेल के माध्यम से भी भेजा जा सकता है।