अक्टूबर 13, 2026 5:55 अपराह्न

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केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डा से 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान कई बस डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया। साथ ही दिल्ली में हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने वाले 13 नए मॉनिटरिंग स्टेशनों का भी उद्घाटन किया गया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का दौरा किया और प्रदूषण पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीक की जानकारी ली।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। उन्‍होंने कहा कि दिल्‍ली सरकार का प्रयास है कि दिल्लीवासियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलें और राजधानी को स्वच्छ और सतत बनाने के लक्ष्य को गति मिले। श्रीमती गुप्‍ता ने कहा कि दिल्‍ली सरकार ने ‘इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर’ के ज़रिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की दिशा में कदम बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए परिवहन, निगरानी और बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं पर एक साथ काम कर रही है। वहीं, दिल्‍ली परिवहन निगम के बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने से दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर लगभग 5,238 हो गई है। नई बसें वातानुकूलित और लो-फ्लोर हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आनंद विहार आईएसबीटी, नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर डिपो में पांच सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए गए हैं। आनंद विहार स्टेशन पर 240 किलोवाट क्षमता के आठ और 60 किलोवाट के दो चार्जर लगाए गए हैं। वहीं, बिजली की आपूर्ति के लिए 1,600 केवीए क्षमता का सब-स्टेशन भी बनाया गया है। अन्य चार स्थानों पर 240 किलोवाट क्षमता के चार-चार चार्जर और जरूरी बिजली व्यवस्था की गई है।

वहीं, दिल्ली में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के जरिए 24 घंटे प्रदूषण पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए एआई आधारित कैमरों, रियल-टाइम डेटा और मैकेनिकल रोड स्वीपर्स की जीपीएस ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नजर रखने के लिए 13 नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू किए गए हैं। इससे हवा की गुणवत्ता से जुड़े आंकड़े उपलब्ध होंगे और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण की निगरानी और मजबूत होगी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, सहित अन्य लोग उपस्थित थे।