पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ की सुखना झील और उत्तर प्रदेश की सौज झील को रामसर स्थलों की सूची में शामिल किया गया है। इससे भारत में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर अब 103 हो गई है।
श्री सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इन महत्त्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण देश की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी प्रतिबद्धता से भारत में संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इससे जैव-विविधता को बढ़ावा मिल रहा है, जल और जलवायु सुरक्षा मजबूत हो रही है तथा स्थानीय लोगों की आजीविका को सहारा मिल रहा है।
श्री सिंह ने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। रामसर स्थल ऐसे आर्द्र क्षेत्र हैं, जिन्हें रामसर सम्मेलन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्त्व प्राप्त है। यह पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी संधि वर्ष 1971 में स्थापित की गई थी।