राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत देशभर में 90 करोड आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता-आभा कार्ड बनाये जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि यह उपलब्धि परस्पर जुडे और नागरिक केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य परिवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्रालय ने कहा है कि आभा कार्ड की संख्या वर्ष 2021 में 14 करोड से अधिक थी जो बढकर इस वर्ष 90 करोड हो गई है। यह उपलब्धि राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी से संभव हुई है।
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 15 करोड से अधिक आभा कार्ड बनाये गये हैं। इसके बाद राजस्थान तथा महाराष्ट्र में सात – सात करोड कार्ड बने हैं। मंत्रालय ने कहा है कि इस उपलब्धि में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही है और उनकी हिस्सेदारी 49.75 प्रतिशत है।
आभा कार्ड स्वास्थ्य रिकार्ड को डिजिटल बनाता है और यह विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर उपलब्ध होता है। इससे व्यक्ति को संबंधित चिकित्सा दस्तावेज अपने साथ ले जाने की जरूरत नहीं होती है।