तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा है कि सरकार पार्टी से जुड़े होने की परवाह किए बिना सभी को कानून के सामने एक समान मानेगी। उन्होंने भ्रष्टाचार के विरूद्ध कतई बर्दाश्त न करने की नीति पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के बराबर नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान डीएमके सदस्यों ने बोलने का मौका मांगा। अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने कहा कि मुख्यमंत्री का जवाब पूरा होने के बाद ही उन्हें बोलने दिया जाएगा। इसके बाद डीएमके सदस्यों ने नारेबाजी की और सदन के बीच में आ गए।
बाद में मुख्यमंत्री ने विपक्ष को बोलने का मौका देने की बात कही। लेकिन विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को बोलने का अवसर नहीं मिला। इसके बाद डीएमके सदस्य सदन से बाहर चले गए।
सदन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री के आरोपों पर सफाई देने का उन्हें कोई मौका नहीं दिया गया।