प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से बड़े सपने देखने तथा लेखा, वित्त, कानून और परामर्श से जुड़ी ऐसी संस्थाओं के निर्माण की अपील की है जो वैश्विक स्तर के हों। कल दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि आज भारतीय मूल के कई लोग दुनिया की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं और भारतीयों द्वारा बनाई गई कंपनियां भी विश्व का नेतृत्व कर सकती हैं।
श्री मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी भारत की तिमाही वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है जो उसकी आर्थिक क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत ने नीतिगत मामलों में गतिरोध से गतिशीलता तक का लंबा सफर तय किया है और दुनिया देख रही है कि भारत सबसे तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा देश है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद को परास्त कर दिया गया है, आत्मविश्वास से भरे सशस्त्र बल दुश्मनों के घरों तक प्रहार कर रहे हैं और जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक शांति बहाल हो गई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच बिजली उत्पादन में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान वाहनों की बिक्री 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ी जिसका मुख्य कारण दोपहिया वाहनों में 20 प्रतिशत और तिपहिया वाहनों में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि थी। श्री मोदी ने कहा कि इस्पात और सीमेंट की खपत में 8 प्रतिशत की वृद्धि निर्माण, आवास और वाणिज्यिक कार्यों में तेजी के कारण हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि स्मार्टफोन का निर्यात अब 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है और घरेलू रक्षा उत्पादन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। श्री मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीय मिलकर भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएंगे।
इस अवसर परशिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में कौशल रूप से सक्षम लोगों की आवश्यकता है और यह युवाओं के लिए एक अवसर है।