जुलाई 14, 2026 11:55 पूर्वाह्न

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अमरीका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हवाई हमले किए, दोनों देशों में तनाव बढ़ा

अमरीका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हवाई हमले किए हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। अमरीका की सेना के सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने अबू मूसा, बंदर अब्बास, बुशहर, चाहबहार, जास्क और कोनारक के आसपास के इलाकों में हमला कर ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियों, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों और उनकी नौसैनिक क्षमताओं को निशाना बनाया है। ईरान ने इन हमलों को स्वीकारा है, लेकिन किसी भी हताहत या नुकसान की सूचना नहीं दी है। अमरीका सेंट्रल कमांड का कहना है कि ये हमले ईरानी सेना पर जारी रहेंगे और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में निर्दोष नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कमजोर करेंगे। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और इस जलडमरूमध्य से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े दो टैंकरों को निशाना बनाया।

इसमें एक नाविक की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि टैंकरों पर हुए इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है और छह भारतीय तथा दो यूक्रेनी नागरिक घायल हुए हैं। उधर, जॉर्डन की सेना ने कहा है कि उसने ईरान की ओर से आई चार मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। इसी बीच अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नतांज के पास गहराई में बने एक परमाणु स्थल ‘पिकएक्स माउंटेन’ को नष्ट करने की धमकी दी है, जहाँ ईरान के एक अघोषित संवर्धन केंद्र बना बनाने की आशंका है।

इससे पहले कल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमरीका हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों पर फिर से नाकेबंदी लागू करेगा और समुद्री सुरक्षा की लागत को पूरा करने के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत का शुल्क लगाएगा। सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह नाकेबंदी केवल ईरानी जहाजों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले जहाजों पर लागू होगी। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला है और ईरान के साथ या उसके बिना भी खुला रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अन्य देशों के वाणिज्यिक जहाजों को मुफ्त मार्ग मिलता रहेगा।

दूसरी ओर, ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार का दावा किया है और अमरीका के दावें को खारिज किया है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम ज़ोलफ़ाघरी ने कहा कि ईरान किसी भी परिस्थिति में अमरीका को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अमरीका की सेना को रसद सहायता प्रदान करने वाले किसी भी क्षेत्रीय देश को ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा माना जाएगा।