सरकार ने कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए चीनी की कमी नहीं है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि चीनी की कीमत पिछले कुछ हफ्तों में 48 रुपये से बढ़कर करीब 55 रुपये प्रति किलो हो गई है और सरकार लगातार कीमतों पर नजर रख रही है।
मंत्रालय ने कहा कि चीनी की कीमत बढ़ने का कारण इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का इस्तेमाल नहीं है। इसके बजाय कम उत्पादन, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, खराब मौसम से गन्ने की फसल को नुकसान और कुछ कारोबारियों द्वारा जमाखोरी जैसे कई कारण हैं। इस साल चीनी का उत्पादन करीब 306 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पहले 343 लाख टन का अनुमान था।
कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने चीनी कारोबारियों पर 400 टन की भंडारण सीमा लगाई है। यह सीमा 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेगी। सरकार ने चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से गन्ने की पेराई शुरू करने की सलाह दी है। इससे त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।