पश्चिमी एशिया में महीनों से जारी अशांति के बाद यूरेनियम भंडार, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध से संबंधित नुकसान के मुआवजे को लेकर वार्ता ठप होने के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को नई चेतावनी जारी करने के बाद अमरीका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि समय बीत रहा है। उन्होंने ईरान से समझौते की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आग्रह किया। अमरीका के राष्ट्रपति की तीखी टिप्पणी ईरान की मीडिया द्वारा अमरीका की वार्ता फिर से शुरू करने की मुख्य शर्तों का खुलासा करने के कुछ ही घंटों बाद आई है।
ईरान की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमरीका चाहता है कि ईरान 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम अमरीका को सौंप दे और केवल एक परमाणु संयंत्र को सक्रिय रखे। अमरीका युद्ध मुआवजे की मांग को भी छोड़ना चाहता है और यह स्वीकार करना चाहता है कि ईरान की अधिकांश जब्त संपत्तियां अवरुद्ध रहेंगी। खबरों के अनुसार, अमरीका ये भी चाहता है कि क्षेत्रीय संघर्ष वार्ता पूरी होने के बाद ही समाप्त हो।
इस बीच, ईरान ने इन शर्तों को खारिज कर दिया है और वार्ता फिर से शुरू करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान ने कहा कि क्षेत्र में, विशेष रूप से लेबनान में, सैन्य अभियान बंद होने चाहिए, प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए और ईरान की जब्त संपत्तियां जारी की जानी चाहिए। ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान के मुआवजे और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण की मान्यता की भी मांग की।
होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का एक प्रमुख बिंदु बना हुआ है, जहां ईरान ने जहाजरानी नियंत्रण को कड़ा कर दिया है, वहीं अमरीका नौसैनिक कार्रवाई और प्रतिबंधों के माध्यम से दबाव बढ़ा रहा है। हालांकि वर्ष की शुरुआत में युद्धविराम समझौता हो गया था, लेकिन कोई दीर्घकालिक राजनीतिक समझौता नहीं हो पाया। पिछले हफ्ते ईरान और अमरीका दोनों के द्वारा एक-दूसरे के नवीनतम प्रस्तावों को खारिज कर दिए जाने के बाद राजनयिक प्रयास फिलहाल ठप पड़े हैं।