राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोक परीक्षा-अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक गुरुवार को संसद द्वारा पारित किया गया। इसका उद्देश्य कठोर दंडों का प्रावधान करने और फास्ट ट्रैक अदालत की स्थापना करके लोक परीक्षाओं में अनुचित गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। यह विधेयक छात्रों के भविष्य की रक्षा करते हुए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करके परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा को सुदृढ़ करने का प्रयास करता है। अधिनियम में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं, जिनमें दस वर्ष तक की कैद, दस करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दोषी अपराधियों की संपत्ति की जब्ती जैसे कठोर दंड शामिल हैं।
मामलों के शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करने के लिए, अधिनियम के तहत प्रत्येक राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को दैनिक सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करने की आवश्यकता है। इसमें यह भी अनिवार्य है कि पुलिस आने में सूचना दर्ज होने की तिथि से दो महीने के भीतर अपराधों की जांच पूरी की जाए, जबकि आरोप पत्र दाखिल होने की तिथि से तीन महीने के भीतर मुकदमे समाप्त किए जाएं।