जुलाई 9, 2026 8:58 अपराह्न

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ब्रिटेन के कई सांसदों ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में बढ़ती अशांति पर गंभीर चिंता व्यक्त की

ब्रिटेन के कई सांसदों ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर – पीओजेके में बढ़ती अशांति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बर्बर हमलों में कई नागरिक मारे गए हैं या घायल हुए है। इस क्षेत्र में सख्त लॉकडाउन, कर्फ्यू और संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।

ब्रिटेन की संसद को संबोधित करते हुए कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने पीओजेके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की है। इस हमले में ब्रिटिश नागरिक सहित कई लोगों की मृत्यु हुई है और नागरिक घायल हुए हैं। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से सवाल किया कि कथित हिंसा पर क्या पाकिस्तान के उच्चायोग को तलब किया गया है और आसपास खड़े बेगुनाह लोगों की रक्षा के लिए क्या उपाय किए गए थे।

संसद की बहस में इस मुद्दे को उठाते हुए ब्रिटेन के एक अन्य सांसद इमरान हुसैन ने इस क्षेत्र में लगातार हो रहे रक्तपात, मनमाने ढंग की गिरफ्तारियां और पीओजेके में संचार व्यवस्था पर लगाए गए प्रतिबंध पर गंभीर चिंता व्यक्त की। हुसैन ने कहा कि इस क्षेत्र के कई हिस्सों में खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की आवाजाही पर लगे प्रतिबंध चौंकाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पीओजेके में कश्मीरियों के मानवाधिकार के सम्मान को किसी भी वार्ता का मुख्य मुद्दा बनाया जाना चाहिए।

संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (जेएएसी) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि वह अपनी मांगों को पूरा नहीं होने की स्थिति में निर्णायक कार्रवाई शुरु करेगी। समिति ने इस स्थिति का साक्षी बनने के लिए वैश्विक पर्यवेक्षकों को आमंत्रित किया है। इनकी मांगों में आर्थिक सुधार, संसाधनों का निष्पक्ष वितरण, अर्धसैनिक बलों की उपस्थिति में कटौती और विधायी सीटों के आवंटन में परिवर्तन शामिल हैं। इस समिति के नेता सरदार अमान खान ने कथित नाकाबंदी और सैन्य हमलों के कारण जरूरी आपूर्तियों में हुई कमी का हवाला देते हुए भारत से मानवीय सहायता की मांग की है। सरदार खान ने कार्यकर्ताओं को आतंकवादी करार देने संबंधी पाकिस्तान के पाखंड की आलोचना की है।