दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सहायता और कल्याण दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का प्रयास है कि किसी महिला या बच्चे को संकट के समय मदद के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर सुरक्षा, परामर्श, आश्रय, कानूनी सहायता और पुनर्वास की सुविधाएं मिल सकें। इसी उद्देश्य से महिला और बाल विकास विभाग से लेकर परिवहन, लोक निर्माण, नगर निकायों और शैक्षणिक संस्थानों तक विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
श्रीमती गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में महिलाओं की मदद के लिए 11 वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन वन-एट-वन और 15 महिला आश्रय गृह संचालित हैं। इसके अलावा, 2,947 बस मार्शल तैनात हैं और 56 महिला विशेष बसें चल रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर 2.53 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं। वहीं, बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1 0 9 8 को आपातकालीन सेवाओं से जोड़ा गया है।
इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1 हजार 397 स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं और बच्चों को संकट के समय त्वरित सहायता, सुरक्षित वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और शिकायतों के समयबद्ध निपटारे पर बल दिया जा रहा है। आरजू के साथ प्रादेशिक समाचार के लिए नीतिका गुप्ता।