केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत छत पर सोलर पैनल लगाने वाले 65 लाख घरों में से 21 लाख से अधिक घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है।
एक दैनिक समाचार पत्र में लिखे लेख में श्री जोशी ने बताया कि वर्ष 2014-15 में सौर ऊर्जा की एक यूनिट की कीमत लगभग आठ रुपये थी, जो अब घटकर दो रुपये 15 पैसे हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेज गति से बड़े पैमाने पर प्रगति की है। पिछले 12 वर्षों में देश की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग छह हजार प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
श्री जोशी ने कहा कि भारत जी-20 देशों में एकमात्र ऐसा देश है, जिसने वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता का 50 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले ही हासिल कर लिया है।
भारत नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन और प्रर्दशनी 2026 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की नौवीं महासभा और हरित हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एक साथ आयोजित किया जाएगा।
श्री जोशी ने कहा कि सम्मेलन में आयातित ईंधन पर निर्भरता के बिना विश्वसनीय बिजली और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मजबूत करने पर चर्चा होगी।