प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचे गए हैं। इससे पहले उन्होंने नीदरलैंड्स की दो दिवसीय यात्रा पूरी की। स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी आज अपने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
Landat i Göteborg, Sverige. Ser fram emot att träffa statsminister Kristersson för att ytterligare stärka partnerskapet mellan Indien och Sverige inom handel, investeringar, innovation, försvar och mer.
Tillsammans med statsminister Kristersson och Europeiska kommissionens… pic.twitter.com/Cotp88E62N— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
दोनों नेता आपसी संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही व्यापार, पर्यावरण अनुकूल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु संरक्षण के प्रयास और आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा होगी।
दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। यह यूरोप का एक प्रमुख व्यावसायिक मंच है।
गोथेनबर्ग रवाना होने से पहले नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब येटेन स्वयं एम्स्टर्डम हवाई अड्डे पहुंचे और प्रधानमंत्री मोदी को विदाई दी।
नीदरलैंड्स की दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब येटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों ने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर गहरी चिंता भी व्यक्त की।
सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी नीदरलैंड्स यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ जल संसाधन, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा, सतत विकास और गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और नीदरलैंड्स की मित्रता आने वाले समय में और मजबूत होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री रॉब येटेन के गर्मजोशी भरे स्वागत और हवाई अड्डे तक विदा करने आने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री रॉब येटेन के साथ प्रसिद्ध अफ्स-लाउट-डाइक बांध का भी दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों ने जल प्रबंधन और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
यह यात्रा गुजरात की महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना के लिए भारत-नीदरलैंड्स तकनीकी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस परियोजना के तहत खंभात की खाड़ी पर 30 किलोमीटर लंबा बांध बनाकर विशाल मीठे पानी का जलाशय तैयार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री रॉब येटेन ने ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ भी बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों को समुद्री बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारत में निवेश और सहयोग के अवसर तलाशने का आमंत्रण दिया।