इस्पात और भारी उद्योग राज्यमंत्री बी. श्रीनिवास वर्मा ने कहा है कि केन्द्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक के माध्यम से राज्य की विधान सभाओं में महिलाओं के लिए अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में एक संवाददाता सम्मेलन में श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद से ही महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से पहले की सरकारों ने सार्थक सुधारों को लागू किए बिना, महिला प्रतिनिधित्व के वादों को केवल चुनावी आश्वासनों तक सीमित रखा था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श और चर्चा के बाद 2023 में संसद में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। केंद्र सरकार विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल किसी न किसी बहाने विधेयक को रोकने की कोशिश करते रहे हैं।
श्री वर्मा ने कहा कि आंध्र प्रदेश की एनडीए सरकार भी महिला कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। परिसीमन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस आशंका को खारिज किया कि इससे दक्षिण के राज्यों के साथ अन्याय होगा।