जून 15, 2026 5:39 अपराह्न

printer

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गोवा में पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल का किया शुभारंभ

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज गोवा में आयोजित वैश्विक पवन दिवस 2026 राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल का शुभारंभ किया। इससे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिली है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और भारतीय पवन टरबाइन निर्माता संघ द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह पोर्टल, पवन ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से देश का पहला समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। पोर्टल का उद्देश्‍य पवन ऊर्जा क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना है। यह पहल आत्‍मनिर्भर भारत के लक्ष्‍य को भी मजबूती प्रदान करेगी।

सम्‍मेलन में श्री जोशी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश ने रिकॉर्ड लगभग 6 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही देश की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो गई है और भारत ने विश्व के चौथे सबसे बड़े पवन ऊर्जा बाजार के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

श्री जोशी ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान पवन टर्बाइनों और संबंधित घटकों का निर्यात 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग में भारत के बढ़ते महत्व को दिखाता है।

इस अवसर पर, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को अधिक अपनाकर शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

इंडियन विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश तांती ने कहा कि भारत की लगभग 24 गीगावाट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2030 तक 15 गीगावाट की वार्षिक स्थापना प्राप्त करने और वैश्विक पवन ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में देश की भूमिका का विस्तार करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।