सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने युवा क्रिएटर्स से नवाचार और सशक्तिकरण के लिए अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने का आह्वान किया है।
नई दिल्ली में कल यूट्यूब इम्पैक्ट समिट को संबोधित करते हुए मंत्री ने आर्थिक विकास, रोजगार और भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने में भारत की डिजिटल और रचनात्मक अर्थव्यवस्था की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदलती है, लेकिन संवैधानिक मूल्य हमेशा कायम रहने चाहिए। डॉ. मुरुगन ने भारत के डिजिटल बदलाव में न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के महत्व को रेखांकित किया।
साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में तैयार की गई सामग्री को भारत के बाहर के दर्शकों से 15 प्रतिशत से अधिक वॉच टाइम मिलता है। वहीं, भारत के 18 हजार से अधिक यूट्यूब चैनलों ने 10 लाख सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है।
डॉ. एल. मुरुगन ने क्रिएटिव प्रतिभाओं की पहचान करने, उन्हें विकसित करने और बाजार से जोड़ने के लिए सरकार की कई पहलों का भी उल्लेख किया। इनमें वेव्स- WAVES, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी- आई.आई.सी.टी., क्रिएट इन इंडिया चैलेंजेज, जेम्स ऑफ इंडिया, वेव्स बाजार, मायवेव्स और क्रिएटर्स कॉर्नर शामिल हैं।