सितम्बर 30, 2026 8:27 पूर्वाह्न | Indian Navy

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नौसेना अपने बेड़े में रिकॉर्ड 18 युद्धपोत शामिल करेगी, ये इतिहास में एक वर्ष का सबसे बड़ा सैन्य बल विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2026 को भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष बताया है। इस वर्ष 18 युद्धपोतों को नौसेना में शामिल करने या कमीशन करने की योजना है। नई दिल्ली में कल भारतीय नौसेना के द्विवार्षिक कमांडर सम्मेलन 2026 के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि ये घटनाक्रम भारत के नौसेना के घरेलू जहाज निर्माण तंत्र की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाते हैं। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में नौसेना के प्रयासों को दर्शाते हुए रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय नौसेना का युद्धपोत उत्पादन तंत्र अब वैश्विक मानकों को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कमीशन किए गए युद्धपोतों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है। रक्षा मंत्री ने मौजूदा प्रणालियों के महत्व को पहचानते हुए भारत की समुद्री निगरानी प्रणाली के महत्वपूर्ण उन्नयन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समुद्री यातायात की बढ़ती मात्रा और जटिलता के लिए उन्नत विश्लेषणात्मक क्षमताओं की आवश्यकता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नौसेना के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का उल्‍लेख करते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में एक रणनीतिक आधारशिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना आर्थिक सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और शक्ति प्रदर्शन को मजबूत करती है। रक्षा मंत्री ने बदलती चुनौतियों के बावजूद उच्च स्तर की युद्ध तत्परता बनाए रखने और पूरे क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए भारतीय नौसेना की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रणनीतिक गहराई और क्षेत्रीय शक्ति प्रदर्शन सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना की भूमिका महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने भारतीय नौसेना से आग्रह किया कि वह भविष्य और युद्ध के लिए तैयार तथा विश्व स्तर पर सम्मानित बल के रूप में खुद को परिवर्तित करते हुए अपनी निरंतर प्रगति को बनाए रखे।