अगस्त 22, 2026 11:54 पूर्वाह्न

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सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 57वें इफ्फी की तैयारियों हेतु गठित समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आगामी 57वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) की तैयारियों हेतु गठित समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की। कल नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में महोत्सव को विश्व स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के रूप में और अधिक सशक्त बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। 57वां अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव इस वर्ष 20 से 28 नवंबर के बीच गोवा में आयोजित होगा।
 
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. मुरुगन ने युवा छात्रों, उभरते फिल्म निर्माताओं और भारतीय फिल्म उद्योग के गुमनाम नायकों के लिए अधिक अवसरों पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि इफ्फी को युवा प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने, स्थापित फिल्म निर्माताओं से सीखने और वैश्विक फिल्म समुदाय से जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान करना चाहिए। साथ ही दुनिया भर से उत्कृष्ट फिल्मों और अग्रणी रचनात्मक प्रतिभाओं को भारत लाकर अपनी अंतर्राष्ट्रीय पहुंच को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रालय भारत की ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने और देश के रचनात्मक उद्योगों को मजबूत करने के लिए नई पहल कर रहा है। डॉ. मुरुगन ने स्थापित फिल्म निर्माताओं के साथ संवाद और युवा एवं उभरती प्रतिभाओं के लिए अवसरों के विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पेशेवर आदान-प्रदान के रास्ते मजबूत करते हुए भारतीय सिनेमा की विविधता और शक्ति को प्रदर्शित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
 
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने इस बात पर बल दिया कि इफ्फी को भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और भारतीय तथा अंतरराष्ट्रीय रचनात्मक समुदायों के बीच सहयोग को गहरा करने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए। सचिव ने फिल्म निर्माताओं, सिनेमा प्रेमियों, प्रतिनिधियों और महोत्सव में भाग लेने वाले अतिथियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला, निर्बाध अनुभव सुनिश्चित करने के महत्व पर भी बल दिया।