प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्र प्रथम के साथ भारतीय जनता पार्टी की ठोस आधारशिला रखी। प्रमुख समाचार पत्रों में पूर्व उप-प्रधानमंत्री और भाजपा के संस्थापक सदस्य पर लिखे आलेख में श्री मोदी ने कहा कि दो गुणों के कारण श्री आडवाणी की छवि अलग थी। ये दो गुण थे- विचारधारा की स्पष्टता और बौद्धिक तीक्ष्णता। श्री मोदी ने कहा कि श्री आडवाणी ने छद्म धर्मनिरपेक्षता को चुनौती दी, जो वर्षों से एक बड़े राजनीतिक तबके द्वारा प्रचारित थी।
श्री मोदी ने कहा कि श्री आडवाणी के पार्टी अध्यक्ष रहने के दौरान ही कांग्रेस वर्ष 1989 में 400 से घटकर दो सौ से भी कम सीट पर सिमट गई थी और पहली बार 1996 में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
श्री मोदी ने कहा कि 1991 के लोकसभा चुनाव में श्री आडवाणी ने गांधीनगर सीट से भी चुनाव लड़ा था और उन्होंने श्री आडवाणी को नामांकन पत्र तैयार करने और उनके प्रचार अभियान में सहायता की थी। श्री मोदी ने कहा कि देश के सबसे अधिक समय तक सेवा देने वाले गृहमंत्रियों में से एक के रूप में उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। सुरक्षा कर्मियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कार्य किए और यह सुनिश्चित किया कि देश का आतंकरोधी कानून सख्त हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ से अयोध्या तक की रथयात्रा श्री आडवानी के जीवन का एक विशिष्ट अवसर थी, जिसने भारतीय समाज में बेहतरी के लिए परिवर्तन किए।
श्री मोदी ने आलेख में कहा कि श्री आडवाणी अपने जीवन के सौवें वर्ष में प्रवेश कर रहे है और वे उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।