जम्मू-कश्मीर में वार्षिक कौसरनाग यात्रा कल रियासी के प्राचीन भगवान शिव मंदिर से शुरू हुई। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष के करीब पांच हजार से बढ़कर लगभग 10 हजार हो सकती है। श्रद्धालु आज महोर से पैदल कौसरनाग शिव धाम के लिए रवाना होंगे। धाम में कल पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान होंगे, जबकि श्रद्धालु 24 अगस्त को रियासी की ओर वापसी यात्रा शुरू करेंगे।
यात्रा आयोजकों ने बताया कि तीर्थयात्रा में युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। पिछले वर्ष 50 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालु 30 वर्ष से कम उम्र के थे।
रियासी-उधमपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शिव कुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं और रियासी के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं।
मौसम संबंधी चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सेना और सीआरपीएफ के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल भी तैनात किए गए हैं।
श्रावण मास में आयोजित होने वाली कौसरनाग यात्रा इस समय अमरनाथ यात्रा, बूढ़ा अमरनाथ यात्रा और कैलाशकुंड यात्रा सहित अन्य प्रमुख तीर्थयात्राओं के साथ हो रही है। इसे देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।