विदेश मंत्रालय ने फिर कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं। कल राजधानी में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे अत्याचार और सीमा पार आतंकवाद के लिए इसका इस्तेमाल किए जाने पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए।
एक प्रश्न के उत्तर में श्री जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भारत ने अफगानिस्तान के साथ कई बैठकें की हैं। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के कई मंत्री भारत के दौरे पर आए हैं, जिनसे विकास, सहयोग, व्यापार और संपर्क जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि भारत के अफगानिस्तान के साथ दीर्घकालिक संबंध हैं और वह इन संबंधों को और मजबूत करने के लिए तत्पर है।
ऊर्जा संकट के बीच भारत से अतिरिक्त डीजल आपूर्ति के बांग्लादेश के अनुरोध पर श्री जायसवाल ने कहा कि भारत का बांग्लादेश के साथ डीजल आपूर्ति का एक मौजूदा समझौता है। उन्होंने कहा कि डीजल के अतिरिक्त अनुरोध पर निर्णय भारत की अपनी आवश्यकताओं, शोधन क्षमता और देश में डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया है। भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संपर्क सत्र के लिए भारत आने का भी निमंत्रण दिया है।
विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम-एफसीआरए के संबंध में श्री जायसवाल ने कहा कि भारत से संबंधित विधायी मामले उसके आंतरिक मामले हैं, जिन पर संसद निर्णय लेगी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस बयान पर कि भारत रूस के उत्तरी समुद्री मार्ग में बढ़ती रुचि दिखा रहा है, प्रवक्ता ने बताया कि भारत का रूस के साथ बहुआयामी सहयोग है और संपर्क इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
श्री जायसवाल ने कोलंबिया में आए भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत ने आज देश को 20 मीट्रिक टन राहत सामग्री भेजी है, जिसमें चिकित्सा सामग्री, चिकित्सा उपकरण और भूकंप के बाद के पुनर्वास में सहायक कई अन्य वस्तुएं शामिल हैं।