भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में शुरू हुआ। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नॉर्वे, स्वीडन, आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के प्रधानमंत्री हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक का लक्ष्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना है। यह बैठक 2022 में डेनमार्क के कोपेनहेगन में आयोजित पिछले शिखर सम्मेलन के बाद हो रही है। इस सम्मेलन में विचारणीय प्रमुख विषयों में ऊर्जा, समुद्री अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटलीकरण शामिल हैं।
भारत और नॉर्डिक क्षेत्र के बीच फिलहाल व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता लागू है। सम्मेलन में भारत और इस क्षेत्र के देशों के बीच व्यापार और निवेश का विस्तार करने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है। नॉर्डिक ब्लॉक के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 19 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है। इस शिखर सम्मेलन से भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को और विस्तार मिलने तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का अवसर प्रदान करेगा।
शिखर सम्मेलन से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री सुश्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉट्टी, फिनलैंड के प्रधानमंत्री श्री पेटेरी ओर्पो और डेनमार्क की प्रधानमंत्री सुश्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।