भारत ने आज नई दिल्ली में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर तीसरी ब्रिक्स मंत्रिस्तरीय बैठक की सफलतापूर्वक मेजबानी की। बैठक का समापन आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर ब्रिक्स संयुक्त वक्तव्य को सर्वसम्मति से अपनाने के साथ हुआ। वक्तव्य में, सदस्य देशों ने 2025-2028 तक ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने और लचीले समाज के निर्माण के लिए सहयोग को गहरा करने की सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। बैठक की अध्यक्षता गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने की और इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने भाग लिया। उन्होंने बेहतर सहयोग, नवाचार और सतत विकास के माध्यम से आपदा लचीलापन को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए, श्री राय ने सदस्य देशों से विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों, लचीले बुनियादी ढांचे, प्रकृति-आधारित समाधानों और सामुदायिक लचीलेपन में सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया ताकि आपदा जोखिम न्यूनीकरण को सतत विकास का अभिन्न अंग बनाया जा सके। आपदा जोखिम न्यूनीकरण में भारत के नेतृत्व पर श्री राय ने कहा कि भारत का जन-केंद्रित दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए दस सूत्री एजेंडा से निर्देशित है। उन्होंने ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य योजना (2025-2028) के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए भारत की अध्यक्षता में पांच रणनीतिक प्राथमिकताओं पर जोर दिया।
बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य डॉ. कृष्णा वत्सा ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों ने एक साथ संयुक्त वक्तव्य, शहरी बुनियादी ढांचे के लिए स्वैच्छिक सिद्धांत और प्रारंभिक चेतावनी डेटा एकीकरण के लिए दिशानिर्देशों को अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त वक्तव्य सदस्य देशों के बीच हुई चर्चा के आधार पर तैयार किया गया है।